DUNGAR BARANDA

भील राजा डुगर बरंण्डा बलिदान दिवस - 30 अक्टूबर 1292

आज से 725साल पहले डूंगरपुर ''राज' भील प्रदेश "डुन्गर नू घेर" या "पाल" से जाना जाता था। यहा भील आदिवासीयो की तमाम पालो के गमेती ने राजा डुगर को नियुक्त किया था। खुशहाल आदिवासी राज था। उसी समय मे एक बनिया व्यापार करने के लिये शालासाह थाना गाव आया उसकी एक खूबसूरत कन्या थी। राजा ने उससे विवाह का प्रस्ताव भेजा। बनिया मान गया पर उसने आसपुर-बडोदा के ठीकाने के सामन्तवाद राजपुत से मिल