NEWS AND EVENTS

  • 28/08/2015 - 00:18

    हमारी सरकार हमारे अधिकार

    पेसा अधिनियम भारत मे २४ दिसम्बर, १९९६ से प्रभावी और राजस्थान में २६ जून १९९९ से लागु है जो सर्वशक्ति सम्पन्न है.पेसा कानून आदिवासी समुदाय का कानून है जिसका अर्थ होता है हमारे गाव में हमारा अधिकार.इस कानून के तहत आदिवासी समुदाय को सरकार ने ग्रामसभा को सभी अधिकार दिए हुए है . इस ग्रामसभा में जो निर्णय लिया जाये उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट भी मना नहीं कर सकती है ! इतनी शक्ति इस ग्रामसभा को रहती है. ग्रामसभा अपने गाव में विकास के काम करवाती है.

  • 09/08/2015 - 23:54

    सिरोही के आबूरोड में एक ऐतिहासिक पहल

    द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरे विश्व में शान्ति स्थापना के साथ-साथ विश्व के देशों में पारस्परिक मैत्रीपूर्ण समन्वय बनाना, एक-दूसरे के अधिकार एवं स्वतंत्रता को सम्मान के साथ बढ़ावा देना, विश्व से गरीबी उन्मूलन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के विकास के उद्देश्य से 24 अक्टूबर 1945 में "संयुक्त राष्ट्र संघ" का गठन किया गया, जिसमे अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत सहित वर्तमान में 192 देश सदस्य हैं। अपने गठन के 50 वर्ष बाद "संयुक्त राष्ट्र संघ" ने यह महसूस किया है कि 21 वीं सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत जनजातीय (आदिवासी) समाज अपनी उपेक्षा, गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा का अभाव

  • 12/06/2015 - 14:49

    सामाजिक कुप्रथा जागरूकता अभियान 3

    रेडियो मधुबन 90.4 F.M. के सदस्य विनोद द्वारा आदिवासी समाज में चल रही बरसो पुरानी वो परंपरा जो की आदिवासी समाज के लोगो को आगे बढ़ने से रोकती है, जिसमे समाज के लोग जिनकी उम्र 14 से 16 के बीच होती है, और इनके घरवाले या ये खुद अपनी पसंद की लड़की को देखकर या लड़के को देखकर अपना रिस्ता इनके समाजो में होनेवाले मेले में तय कर लेते है ! इनकी उम्र कम होने से कई तरह की जो समस्या आती है वह आप जानते है !

  • 08/06/2015 - 03:53

    राजस्थान उदयपुर जिले के कोटड़ा तहसील में पहली शुरआत समाज की कुरीति में बदलाव की

    मेरा नाम बुम्बडिया विनोद कुमार है में कला वर्ग तीसरे वर्ष में आबूरोड कॉलेज में पढाई करता हूँ ! पिछले दो सालो से रेडियो मधुबन ९०.४ में रहते हुए अपनी पढाई भी कर रहा हूँ और रेडियो में सेवा भी कर रहा हूँ .मै आदिवासी भील समाज से हूँ और हमारे समाज में तथा और जो आदिवासी समुदाय भील और गरासिया में कुछ ऐसी परम्परा कहे या कुरीति कहे जो चलने से हमारे भाई बहेनो का विकास नहीं हो पाता ! और मुझे इन सभी में जो मुख्य अधिकतर चल रही है, कम उम्र में शारीरिक सम्बन्ध !

  • 08/06/2015 - 03:49

    सामाजिक कुप्रथा जागरूकता अभियान

    रेडियो मधुबन के सदस्य विनोद ने कोटड़ा तहसील की मामेर पंचायत में सामाजिक कुप्रथा जागरूकता अभियान 2 किया. जिसमे ख़ास मुद्दा था काम उम्र में शादी से पहले होने वाले शारीरिक सम्बन्ध से होने वाले नुकसान से लोगो को अवगत कराना. भील और गरासिया समुदाय में कम उम्र में शारीरिक समबनध बनाना एक साधारण सी बात हो गई. जिसे अगर रोका नहीं गया तो ये एक भयंकर रूप धारण कर सकता है और एक युवा को देखकर उसी गलत परम्परा को दूसरा युवा भी सीख रहा है जिसका असर समाज पर बहुत ही गलत पड रहा है.

  • 03/06/2015 - 03:35

    आदिवासी परिवार स्‍नेह मिलन एवं आदिवासी संस्‍क़ति चिंतन प्रशिक्षण शिविर

    आदिवासी परिवार स्‍नेह मिलन एवं आदिवासी संस्‍क़ति चिंतन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन दिनांक 17 मई एवं 18 मई को मानगढ् पर किया जा रहा हैा
    कार्यक्रम में चिंतन के मुख्‍य बिन्‍दु निम्‍नानुसार रहे्ंगें

    1 हम आदिवासी क्‍यों है

    2 आदिवासी और गैर आदिवासी में क्‍या मूलभुत अन्‍तर है

    3 हमें आदिवासी होने से क्‍या मिला। क्‍या मिलना चाहिए।

    4 हमारी आदिवासी पहचान सुरक्षित रखने से क्‍या फायदें है।

  • 03/06/2015 - 03:29

    आखिल भारतीय आदिवासी कवि सम्‍मेलन दिनांक 15 मई 2015 को

    आखिल भारतीय आदिवासी कवि सम्‍मेलन दिनांक 15 मई 2015 को मानगढ् धाम बांसवाडा में आयोजित किया जा रहा हैा आदिवासी समाज के सभी लोगों से अपील है कि उक्‍त कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्‍या में पधार कर कार्यक्रम को सफल बनावें।