खाखलिया बावसी – भील पूर्वजों के थानक

आदिवासी गांवों में हर गांव के किनारे हमें प्राय: सर्पाका आक़ति से मढी हुई अनेक मूर्तियां दिखाई देती है। आदिवासी समाज में यह खाखलिया बावसी के नाम से जानी जाती है। समाज... Read more »

जोहार क्या है

सबका कल्याण करने वाली प्रकृति की जय [1]. यह शब्द AUSTROASIAN language family का है..तो इसका अर्थ उसी “ऑस्ट्रो एशियन भाषा परिवार” में ढूँढना संभव है. [2]. Indo Aryan language family की... Read more »