लेख

JOHAR

जोहार" क्या है ?

[1]. यह शब्द AUSTROASIAN language family का है..तो इसका अर्थ उसी "ऑस्ट्रो एशियन भाषा परिवार" में ढूँढना संभव है.

[2]. Indo Aryan language family की भाषा "संस्कृत,हिन्दी,राजस्थानी,गुजराती" में इस शब्द का अर्थ ढूंढना मूर्खता तो है ही सही....दिशा भटकाने का षड्यंत्र भी है.

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हर युवा आदिवासी जयस है।जयस कोई व्यक्ति विशेष नही है।जयस संघटन नही सिर्फ एक सामाजिक आदिवासी क्रांतिकारी विचारधारा है। इस क्रांतिकारी विचारधारा को बेड़ियों में जकड़नेे की कोशिश न करे । वरना जो जकड़ा गया है उसका कभी विकास नही हुआ है । शने शने पतन हुआ है ।।

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RESERVATION IN OTHER COUNTRIES

आजकल देश में दलित (OBC, SC & ST) आरक्षण के विरोध मे आंधी सी चल रही है। आरक्षण के खिलाफ बेहूदे और बेतुके तर्क किये जाते है। सबसे पहला तर्क होता है कि दूसरे देशो मे आरक्षण नहीं दिया जाता इसलिये वे देश हमसे ज्यादा प्रगितिशील है जो बिल्कुल गलत है। विदेशो मे भी आरक्षण की पद्धति है।

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जनसंख्‍या के अनुपात में आरक्षण की मांग को लेकर जनजाति समाज ने दहाड रैली में हुंकार भरी। बांसवाडा की गली गली गुंज उठी आदिवासी के हक के नारों से । बांसवाडा के कालेज मैदान में प्रात 9 बजे से व‍िभिन्‍न राज्‍यों एवं राजस्‍थान के अभी आदिवासी बहुल जिलों से आदिवासियों के आने का सिलसिला प्रारंभ हुआ और दोपहर होते होते यह संख्‍या एक लाख के पार चली गई। मैदान के हर छोर पर आदिवासी ही आदिवासी नजर आ रहा थाा यह रैली बांसवाडा के इतिहास की अब तक की विशालतम रैली रहीा वक्‍ताओं ने 11 मई 2016 को उच्‍च न्‍यायालय द्वारा 16 जून 2013 की अधिसूचना को निरस्‍त करने के निर्णय का स्‍वगत किया और सभी ने एक स्‍वर में 73... more

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दोस्तों आज आदिवासियत को बचाने के लिए गाँव -गाँव में उलगूलान की विगूल बज चुकी हैं ॥ इस उलगूलान में साथियों आप लोगों की आवश्यकता हैं॥ क्योंकि हमें अपनी राह खुद बननी है॥ इस राह में कहीं चट्टानों को तोङना होगा तो कहीं तेज धार की नदियाें का रूख मोडना होगा॥ दोस्तो आज आदिवासी समाज विस्थापन..पलायन ..मानवतस्करी.. वेश्यावृति..

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UNO ( यु. एन.ओ) के आंकड़े बताते है, आज दुनिया के अलग- अलग हिस्सों में 37 करोड़ आदिवासी रह रहे है, भारत में आदिवासी समूह 705 है। 2011 में 10 करोड़ से ज्यादा संख्या दर्ज की गई है। वर्तमान में पूरा आदिवासी समाज ही व्यवस्था का शिकार है। इलाज के अभाव में आये दिन बच्चे ओर महिलाये मौत के मुह में समा रहे है। एक आकड़े के मुताबिक आदिवासी बच्चों कि मृत्यु दर राष्टीय औसत से दुगने स्तर पर पहुच गई है।

एक रिपोर्ट से उदघाटित हुआ है। आदिवासी बच्चों कि मृत्यु दर 35.8 है। जबकि राष्टीय औसत दर 18.4 फीसदी है। इसी तरह जनजाति शिशु मृत्यु दर 62.1 फीसदी है। जबकि राष्टीय शिशु मृत्युदर 57 फीसदी है।

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RTI सूचना का अधिकार

RTI मलतब है सूचना का अधिकार - ये कानून हमारे देश में 2005 में लागू हुआ। जिसका उपयोग करके आप सरकार और किसी भी विभाग से सूचना मांग सकते है। आमतौर पर लोगो को इतना ही पता होता है। परंतु आज मैं आप को इस के बारे में कुछ और रोचक जानकारी देता हूँ -

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जयस देश का सबसे बड़ा आदिवासी मूवमेंट शोशल मीडिया और जमिनी स्तर पर....हिन्दुस्तान टाइम्स||
JAYS, India’s biggest social media movement for tribals
Ritesh Mishra, Hindustan Times, Indore| Updated: Mar 20, 2016 20:49 IST

JAYS activists stage a march in Indore.(HT Photo)

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Are you JAYS? And many tribals in Madhya Pradesh, Chhattisgarh Jharkhand and Odisha would proudly reply JAYS (yes).

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अभी तक आदिवासी समाज के जितने भी चिंतक हुए हैं, उनके द्वारा समय-समय तात्कालिक समस्याओं से हमें अवगत करवाया गया। हमारी युवा शक्ति ने उस दिशा में बखूबी कार्य कर अपनी सफलता का आंशिक शेयर हमें दिया। परंतु कहीं न कहीं हमारी एकजुटता में, हमारी आपसी मतभेदों, विचारधारा में भिन्नता अभी भी हैं। मैं इसकी तह तक न जाते हुए अपने "शीर्षक" पर अपना विचार एक बार पुन: व्यक्त करते हुए " बाधाएँ हैं, तो निराकरण भी यहीं कहीं हैं, बस चेत जाएँ हम" पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। वर्तमान में आदिवासी समाज जिस स्थिति से गुजर रहा हैं, उससे समाज का कोई भी व्यक्ति इंकार नहीं कर सकता।

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