लेख

होली का अर्थ हे हो लेना , हो जाये। जैसे हो जाय दो दो हाथ। हो जाय एक मैच। हो जाय एक बाजी। मतलब गैर आदिवासियो के साथ युद्ध हो लेने या हो जाने से हे। गैर हथियारों के साथ डंडो के साथ प्राचीन युद्ध के मारक ढोल के साथ वीरता भरे उत्साह के साथ नाचते गाते हुए किया जाता हे जो भी युद्ध का प्रतीक हे। राड का अर्थ भी युद्ध या शत्रुता होता हे जो आदिवासी युद्धाओ के गढ़ या दुर्ग भेदन के युद्ध की परम्परा का प्रतीक हे। ये सभी अर्थ आर्यो या विदेशियो के साथ प्राचीनकाल में हुए युद्धों के प्रतीक हे। डोहा और डोही को जलाने की परंपरा आर्यो के साथ युद्ध में मारे गए शहीद हुए आदिवासी योद्धाओ और और वीरांगनाओ को सामूहिक... more

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*आदिवासी महिलाओं को सल्युट**8 मार्च,जागतिक महिला दिन
इस कुदरती पृथ्वी पर बहोतसे देश बनाये गये है।
कोई देश विकसीत है तो कोई देश आज भी विकसनशील है।
भारत भी विकसनशील देशों की सूची में ही शामिल है।
इसी विकसनशील देश में विकास के नाम पर हर पांच साल बाद राजनीती की जाती है।
देश की जनता को नये नये लुभावने लॉलिपॉप्स दिये जाते है लेकिन विकास का लॉलीपॉप रॅपर में ही बंद रहता है।

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महिला दिवस पर खास पेशकश
महिला दिवस पर खास कुछ चुनिदा मेरे संपर्क में जो महिला थी उनसे जाने उनके विचार,वे क्या अपेक्षा रखते है मुझसे | जो आपके बिच रख रहा हूँ |
आप भी जानिये आपसे जुडी उस हर महिला कि सोच जो आपसे कुछ अपेक्षा रखती है |
और ये भी कोशिश कीजिये कि क्या आप उनकी अपेक्षा पूरी कर पा रहे है,अगर नही तो कैसे करेंगे | यहाँ जरूर बताये |

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5TH SCHEDULE OF INDIAN COSNTITUTUON

संविधान की “पाँचवी और छठवीं अनुसूची” 'अनुसूचित जनजाति'  के लिये किसी “धर्मग्रंथ” से कम नही है । क्योंकि 'अनुसूचित जनजाति'  के सुरक्षा और हित की तरफदारी इन्ही कानूनो मे निहित था । “पाँचवी और छठवीं अनुसूची” संविधान की पुस्तक मे “शव्दो” के रूप मे सत्तर वर्षों से कैद पड़ा है जिसे आजतक 'अनुसूचित क्षेत्र' Schedule Area के लोगो ने उसका स्वाद नही चखा । आज भी 'अनुसूचित जनजाति' Schedule Tribe अपने संविधान पर पूर्ण आस्था और श्रद्धा रखता आया है । लेकिन अब उनका सब्र टूटता नज़र आ रहा है ।

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भारत में समय-समय पर विभिन्‍न राज्‍यों की हाईकोर्ट ने अपने महत्‍वपूर्ण निर्णयों में साबित किया है कि आदिवास‍ियों पर हिन्‍दु विवाह अधिनियम 1955 लागु नही होता है।

क्‍यों लागु नही होता है ? सोचने की बात है।

क्‍या आदिवासी हिन्‍दु नही है ? नहीं है।

इसलिये तो हिन्‍दु विवाह अधिनियम आदिवासी पर लागु नही होता है।

आइये देखते है कुछ केस -

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KOHAKA

टिटनेस रोग के इलाज के लिए वेक्सीन की खोज 1890 में जर्मन के एक वैज्ञानिक समूह ने की थी,जिसका नेतृत्व एमिल वॉन बेहरिंग ने किया था #टिटनस के टीके की खोज सन् 1890 मे करने से पूर्व दुनिया भर मे सम्राज्यवादी युद्ध और अराजक धर्मयुद्ध के दौरान होने वाले घायलो के लिए "चोटिल होना" भी एक महामारी की तरह थी इसने करोड़ो मानवो की जान ले ली थी. .... वही दुसरी ओर दुनिया के प्राकृतिक क्षेत्रो के रखवाले "कोयतुर" आदिवासी मानवो ने ..... #टिटनेस के टीके की खोज से हजारो वर्ष पूर्व ही इस महामारी से बचने की जबरदस्त तकनीकी विकसित कर ली थी .....

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5TH SCHEDULE OF INDIAN COSNTITUTUON

*पाँचवी-अनुसूचि आदिवासियों के लिए संजीवनी बूटी के समान क्यों है..!! इसे समझना क्यों जरूरी है*..? =====================भारतीय संविधान मे भाग 10 में अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों के बारे उल्ल्खित हैं. और पॉचवी अनुसूची में "अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध हैं .संविधान के अनुच्छेद 244(1) में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए व्यवस्था की गई हैं.! मतलब पाँचवी अनुसूचि के अंतर्गत धारा 244(1) के तहत अनुसूचित क्षेत्रो में सिर्फ आदिवासिओ का ही राज चलेगा..!! पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाली सुविधाओं को बहुत ही सरल शब्दों में आप सभी को समझाने का प्रयास..?

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दुनिया की 6000 आधुनिक भाषाएं स्टोन एज की एक ही अफ्रीकन आदिवासी भाषा से विकसित हुई हैं. अंग्रेजी से लेकर चीनी और संस्कृत तक. दुनिया भर की यह जननी भाषा 50 से 70 हजार साल पहले अस्तित्व में आई थी. यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड, न्यूजीलैंड के विकासवादी मनोविज्ञानी शोधकर्ता क्वेंटिन एटकिंसन ने यह दावा विश्व की 504 भाषाओं के शब्दों, ध्वनियां और उनके टोन के आधार पर किया है. उनका यह शोध जब 2011 में साइंस जरनल में प्रकाशित हुआ तो दुनियाभर के भाषाविदों और वैज्ञानिकों में खलबली मच गई क्योंकि अब तक यही माना जाता रहा था कि भाषाएं अलग-अलग इलाकों में स्वतंत्र ढंग से विकसित हुई हैं.

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127 वर्ष पुराना जनजातीय हिजला मेला और आदिवासी वाद् यंत्र सकवा :
सकवा दो बोंगा आड़ग काना....
संताल आदिवासी में मान्यता है कि सकवा वाद् यंत्र में बोंगा (भगवान) वास करते है.यह बोंगा का आवाज है.इससे बोंगा खुश होते है .यह भैस के सिंग का होता है.सिन्दरा,बाहा आदि धार्मिक अनुष्ठान में इसका प्रयोग किया जाता है.
इसके साथ साथ सिंगघ(मुड़ा रहता है),मदानभेड़(जो सीधा होता है ) शादी आदि में बजाय जाता है.

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