लेख

शिक्षा के लिए आईये, सेवा के लिए जाईये। चलो चलें स्कूल हम।

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रत्न,रतन अथवा हीरा ये कोई वस्तु नहीं हैं, बल्कि अनमोल आभूषण हैं, जिनकी कीमत हर कोई नहीं लगा सकता हैं और न ही बाजार में सार्वजनिक स्थलों की बिकाऊ चीजें हैं। कहने का मतलब मेरा यही हैं कि "जिसकी सोच गहराई तक जाती हो और कुछ ऐसा छोड़ जाए की हर व्यक्ति सोचने पर मजबूर हो जायें "   यही कार्य "जय आदिवासी युवा शक्ति" और "जय आदिवासी भील युवा संगठन" अपने आदिवासी समाज में युवाओं को संगठित करने के लिए डॉ हीरा अलावाजी और श्री जितेन्द्रकुमार राणाजी कर रहे हैं।     

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आदिवासी समाज के युवा तीरन्‍दाज श्री वकिलराज डिन्‍डोर ने समाज का गौरव बढाया है। बांसवाडा के नापला गांव के रहने वाले वकिल का World Championship में चयन हुआ है, जिसमें वे भारत की राष्‍टीय टीम का प्रतिनिधित्‍व करेगें।

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पुरे विश्व में आदीवासियो सा अनुभव धन धान्य वीरता मन जैसा किसी का नही है । वर्तमान परिवेश में आदिवासी युवा वर्ग भी कि...सी से कम नही है ।
लगन मेहनत का जीता जगता उदहारण आदिवासी समुदाय है।पहले भी राजा महाराजा हुआ करते थे ।
• मुख्य बिंदु पर प्रकाश डालने पर आदिवासी इतिहास पढ़ने पर पुराने गढ़ किला बुजुर्ग द्वार ताल खेत पहाड़ पत्थर देखने पर सब आदिवासियों के रजवाड़े का बखान करते है ।भारत देश में ही समस्त राज्यो में आदिवासियों ने अपना इतिहास छोड़ दिया है। जो वर्तमान में युवा आदिवासी वर्ग देख रही है।

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दोस्तों में बहुत दिनों से बहुत से ऐसे आदिवासी संगठनो को देखा उनके काम करने तरीको को भी देखा है पर किसी भी संगठन में ये बात का उल्लेख नहीं है कि हमारी सबसे बड़ी ताकत है धन हमें धन संचय करना आवश्यक है! तभी हम हर प्रकार से आगे बढ़ पाएंगे इसी से हमारी उच्च शिक्षा हो सकती है ! आज जितने भी बड़े संगठन है वे सभी आर्थिक रूप से मजबूत है ! या जो व्यक्ति आर्थिक रूप से समर्थ है उसी की बात को तबज्जो दी जाती है . तो धन संचय हमारा पहला लक्ष्य होना चाहिए ! तथा हमारे समाज को भी आर्थिक रूप से संपन्न होना चाहिए हममे बचत की भावना को जगाना होगा .!

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हर इंसान की अपनी एक मंजिल होती है,जब तक वह इतना समझदार नहीं होता की उसे अपने जीवन में क्या करना है और किसके लिए तथा क्यों करना है | ये सब बातें किसी भी व्यक्ति के दिमाग में तब आती है जब कोई भी मनुष्य थोड़ा सा समझदार होता है ,देखिये ये वक्त भी तब आता है जब किसी इंसान के पास कई तरह की जिमेदारी आती है| लेकिन यहाँ पर सोचने वाली बात ये है की क्यों आखिर उस वक्त से पहले कोई समझता नहीं की मुझे अपनी जिंदगी में क्या करना !

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