छात्रगृह किराया योजना

इस योजनान्तर्गत जनजाति के ऐसे छात्र-छात्राऐं जो राजकीय महाविद्यालय विश्वविद्यालय की स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं में पढते हैं, उनमें से जिन छात्र-छात्राओं को छात्रावास में स्थानाभाव के कारण आवासीय सुविधा नहीं मिल पाती है और वह किराये के मकान में रहकर नियमित अध्ययन करते हैं, उनको इस योजनान्तर्गत आवासीय सुविधा उपलब्ध करार्इ जाती है। पैटर्न अनुसार मकान किराया की राशि निम्नानुसार पुनर्भरण की जाती है :-

 
क्र.सं. स्थान अवधि दर प्रतिमाह प्रति छात्र-छात्र राशि (10 माह की राशि)
1 संभाग मुख्यालय 10 माह तक 500.00 5000.00
2 जिला मुख्यालय 10 माह तक 400.00 4000.00
3 अन्यत्र स्थान 10 माह तक 300.00 3000.00

इसमें एक छात्र या दो छात्रों के एक ग्रुप को भी यह सुविधा दी जाती है। मकान किराये का पुनर्भरण परियोजना अधिकारी, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा मकान मालिक को त्रैमासिक रूप से किया जाता है। पुनर्भरण किराये की रसीद जिस पर शैक्षणिक संस्था का प्रधान यह प्रमाणित करता है कि उक्त छात्र-छात्रा मेरे राजकीय संस्थान में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं और ये उक्त मकान में किराये पर रहते है। इसके बाद ही उनके मकान मालिक को किराये का भुगतान किया जाता है। जिन छात्र-छात्राओं के माता-पिता आयकरदाता है, उन्हें यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। छात्र- छात्राएं अनुसूचित क्षेत्र की मूल निवासी होने तथा राज्य में ही अध्ययनरत रहने पर ही योजना का लाभ देय होगा।

योजना की अधिक जानकारी के लिये यहां पर क्लिक करें ।

http://www.tad.rajasthan.gov.in/index.php/schemes-hi

साभार

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर राजस्‍थान

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