'पांचवी अनुसूची' एवं आदिवासियों की वर्तमान स्थिति एवं उनकी समस्याओ पर विस्तृत चर्चा

(नई दिल्ली) दिनांक 24 फरवरी 2018 को 'गांधी पीस फाउंडेसन' दिल्ली में 'दिल्ली जयस' द्वारा आयोजित (अनुसूची पाँच एवं जनजातीय समुदाय के संवैधानिक अधिकारों ) के लिए एक दिवसीय संगोष्ठी में विभिन्न 'आदिवासी संगठनो' ने सहभागिता की ।

दिल्ली एवं अन्य राज्यो के विभिन्न आदिवासी संगठनो से आये प्रतिनिधियों ने भारत के संविधान में 'अनुसूचित जनजाति' के हित के लिए बनाये गए कानून के अनुच्छेद 244 में वर्णित 'पांचवी अनुसूची' एवं अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासियों की वर्तमान स्थिति एवं उनकी समस्याओ पर विस्तृत चर्चा हुई । सभी लोगो ने अपने अपने विचार रखे । उन्होंने मिशन 2018 के आंदोलन को संपूर्ण आदिवासी समाज का मिशन कहा । मिशन 2018 ने सभी आदिवासियों को एकजुट किया इसके लिए सभी संगठनों ने विभिन्न राज्यो में कार्य कर रहे 'जयस टीम' की सराहना किये और कहा कि इस मिशन को बड़े गंभीरता से और धैर्य के साथ अंजाम देने की जरूरत है । source

स्वागत एवम मंच संचालन श्री गंगाराम गगराई , श्री दानिएल मुर्मू एवं बहन एलिन अर्चना लकड़ा ने बड़े प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
(आदिवासी एकता परिषद् ) के अध्यक्ष श्री निकोलस बारला सुबह के कार्यक्रम के चेयरपर्सन के रूप में अध्यक्षता किये।

सुबह की सभा में मुख्य वक्ता के रूप में श्री सी. ए तिर्की , श्री कुलरंजन टोप्पो , श्री थियोडोर कीडो (पूर्व सांसद, आदिवासी सेंगेल आंदोलन, झारखण्ड),श्री चंद्रदेव ऊराव (अध्यक्ष - आदिवासी सेंगेल आंदोलन झारखण्ड), श्री धनश्याम बोदरा, श्री मंगल हांसदा (AISA) ,श्री मदन प्रसाद गोंड(AGM,NewDelhi), श्री काशीनाथ साह (AGM), श्री सुशील मिंज (FCI) ,श्री शशि मुर्मू , श्री अविनाश सोरेन , श्री प्रवीण परते ( आदिवासी परिवार,गोधरा,गुजरात) ,अविनाश सोरेन(दुमका,झारखण्ड), श्री राजेश पाटिल आदि साथियों ने मिशन 2018 और 'संविधान में पांचवी अनुसूची एवं एवं उसकी वर्तमान स्थिति और आदिवासी समस्याओं ' पर अपने विचार रखे । श्री शशि मुर्मू ने आदिवासी युवाओ को 'आर्थिक सशक्तिकरण' के लिए प्रोत्साहित करते हुए स्वेम के व्यवसाय एवं tarding को अपनाने की सलाह दी और कहा कि आने वाले वक्त में दिल्ली जयस द्वारा 'आर्थिक सशक्तिकरण' को अपने मिशन का हिस्सा बनाएंगे ।

भोजन उपरांत सेकेण्ड सेसन में 'पांचवी अनुसूची' क्षेत्र की भूमिका एवं उसका दुष्परिणाम पर चर्चा हुई । मुख्य वक्ता के रूप में मिथिलेश हेम्ब्रम ने अपना presentation रखा और उसकी व्याख्या प्रोजेक्टर के माध्यम से किया। श्री बलभद्र बिरुवा एवं श्री राजू मुर्मू (दिल्ली जयस के संयोजक ) एवं श्री सी. ए तिर्की जी ने भी प्रश्न उत्तर सेसन में पूछे गए कई प्रश्नों के जवाब दिए ।

http://allsepticpumping.com/map सेमिनार में विभिन्न 'आदिवासी संगठन' की सहभागीता में शामिल थे ।

ऑल इंडिया संताल एसोशिएसन- नई दिल्ली ( श्री विजय मांझी / श्री मंगल हांसदा )
आदिवासी एकता परिषद् - नई दिल्ली ( श्री निकोलस बारला)
आदिवासी हो युवा समूह - नई दिल्ली ( श्री मिथिलेश हेम्ब्रम)
आदिवासी सेंगेल आंदोलन - झारखण्ड ( श्री थियोडोर कीडो / चंद्रदेव ऊरांव )
खड़िया समाज - नई दिल्ली ( श्री कुलरंजन टोप्पो)
श्रुति - नई दिल्ली ( सुश्री एलिन अर्चना लकड़ा)
आदिवासी गोंड महासभा - नई दिल्ली ( श्री काशीनाथ साह)
आदिवासी परिवार - गुजरात (श्री प्रवीण पारगी)

just click for source इस सेमिनार में दिल्ली से आये कई साथी उपस्थित थे जिनमें प्रीतम तुरी, भानु प्रकाश नेताम, संजीब महली,विजय मांझी, मनोज कुमार गोंड, रामबाबू प्रसाद गोंड ,सुष्मिता मिंज, एमलोंन तिर्की, विजय कुमार गोंड, संदीप कुमार गोंड, मेनेजर साह, अमृत कच्छप, गणेश साह, अनूप कुमार किस्पोट्टा,कमलेश्वर महतो, शम्भूनाथ गोंड, छोटा मार्डी, मनीष कुमार साव, विजय कुमार ,राजू जयराय ,घनश्याम बोदरा ,जे. विजय टोप्पो,रतन कुमार नाग ,संजय तिउ, महात्मा टुडू ने अपनी सहभागिता की ।

दिल्ली जयस
संयोजक - राजू मुर्मू

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