नासिक के आदिवासी तोरणडोंगरी गांव में आदिवासी परंपरा से शादी कराई गई

नासिक जिले में 35 जोड़ो का एक सात आदिवासी रतिरिवाज के सात सामूहिक आदिम शादी कराई गई | इस शदी की खास बात ऐसी है,कि यह शादी पुराने जमाने में आदिवासी लोग जैसे शादी कराते उसी प्रक़र की यह शादी कराई | इस शादी में दुल्हाों को और दुल्हनो को बैलगाड़ी में बिठाकर उनकी पुरे गांव में धूम धाम से आदिवासी बाजा जो की पावरी, ढोल, संबल , झाजा के सात बारात निकली गई और शादी के मंडप में जाकर पहले सभी जोडो के हा तो से धरती माता की पूजा कराई | उसके बाद शान पूजा कराई और अभी को एक सात खड़े करके एक कतार में कोंगो के सामने हात जोड़कर आदिवासी कवी रमेश भोये इनके द्वारा लिखित जो मांडव मंत्र है, उन्है आदिवासी गायक रोडू चौधरी ने गाकर इन जोड़ो की शादी कराई | इस शादी को इस इलाके के जो मा.आमदार साहेब श्री .जे.पी.गावित उपस्थित थे औइ बड़ी हस्तिया थी | यहां शादी का प्रबंध महाराष्ट्र राज्य आदिवासी बचाव अभियान नासिक के अधक्ष्य मा.प्राचार्य श्री.अशोक जी बागुल सर , दत्तू पाडवी, रावण चौरे, के.के.गांगुर्डे, एस.टी.बागुल, डॉ.मुरलीधर वाघेरे, पंकज बागुल, रमेश साबळे, प्रशांत ठाकरे, जयवंत गारे, जयराम गावित , विजय घुटे, कांतिलाल नाठे, चेतन खंबाईत, भोये साहेब , महिला आदिवासी सदस्य सरोज ताई , मंगल चौरे और मंजूळा गावित तथा तोरण डोंगरी के ग्राम पंचायत के सभी सदस्य और गांव के लोगो ने मिलकर यहां आनंदित होकर कार्यक्रम पूरा किया |

" BIRSA LIVE रिपोटर श्री.पंकज बागुल (नासिक)"

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