असम में AASAA द्वारा तीनदिवसीय आदिवासी महासभा का आयोजन

जोहार!!
दिनांक 11-13 जनवरी 2018 को असम में AASAA द्वारा तीनदिवसीय आदिवासी महासभा का आयोजन के किया गया..

#इस कार्यक्रम में विभिन्न आदिवासी समाज के (उराँव, बोडो, संथाल, मुण्डा ) आदि समाज के लोगों का महाजुटान होने के साथ विभिन्न प्रकार के आदिवासी संस्कृति के भी दर्शन हुए.. असम के चाय बागान के लिए लाए गए आदिवासियों को आज तक असम में आदिवासी का दर्जा नहीं दिया गया है, जिसके लिए लगातार कई सालों से करते आ रहे आंदोलन के तर्ज पर अंतिम दिन 13 जनवरी को बड़ी रैली की गई.. और दिनांक 12 और 13 जनवरी को आदिवासियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराया गया ..

#कार्यक्रम में #असम और #प.बंगाल के विभिन्न आदिवासी समाज के बुद्धिजीवी के समक्ष #असम और #डुवर्स के आदिवासियों के हालात प्रस्तुत किए गए..
आशा और उम्मीद है, कि बहुत जल्दी ही यहाँ के आदिवासी समुदाय को अपने अधिकार मिल पाएँगे..

गौरतलब है
कि आदिवासी व्यक्ति नहीं बल्कि समुह से पहचाना जाता है.. असम में आदिवासी संस्कृति और व्यवस्था को बचा के रखा गया है.. जिसकी वजह से उनके अधिकारों की प्राप्ति आसान लगती है.. बस जरूरत थी, उनको उनके संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराने की..
#ऑल_आदिवासी_स्टूडेंट्स_एसोसिएशन_ऑफ_असाम के अध्यक्ष Stephen Lakra g और #बोडो_टेरेटरी_काॅन्सिल ( BTC) को बधाई और शुभकामनाएँ

बेलोसा बबीता कच्छप

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