आदिवासी इतिहास

खल

आदिवासी के प्रत्‍येक घर में खल पाया जाता है। खल एक प्रकार का मसालें पिसले का सिलबटटा होता है जिसमें मिर्च, मसालें, हल्दि, लहसुन, नमक आदि मसाले मिक्‍स करके पीसे जाते हे।

गोंडवाना सम्राज्य तथा गोंडवाना राजा-रानी

गोंडवाना के राजा शंकर शाह जी बहुत प्रतापि राजा थे। इनका एक अपना स्वतन्त्र राज्य था। इनके पुत्र कुवर रघुनाथ शाह जी थे । यह भी एक प्रतापि योधा थे। इन दोनो कि वीर गाथा पुरे गोंडवाना लैण्ड मे गाई जाती है।............

अमर शहीद वीर नारायण गोंड जी का राज्य सोना खान मे था।

भराड़ी

भराड़ी *भर* धातु से बना शब्द है ।जो कि दो शब्दों से मिलकर बना शब्द है ।(1)भर (2)आड़ी । भर + आड़ी अर्थात भराड़ी । भर का शाब्दिक अर्थ होता है -- भर अर्थात भरना और - भरने वाली - भरण पौषण करने वाली । तथा आड़ी शब्द का अर्थ होता है - आड़े आने वाली - रक्षा करने वाली - संरक्षिका - रक्षिका अर्थात माँ - माता । इस तरह भराड़ी का व्याख्यात्त्मक अर्थ यह हुआ कि संकट के समय में या हर परिस्थिति में हमारा साथ दे

संथाल विद्रोह

वर्ष १८५५ में बंगाल के मुर्शिदाबाद तथा बिहार के भागलपुर जिलों में स्थानीय जमीनदार, महाजन और अंग्रेज कर्मचारियों के अन्याय अत्याचार के शिकार संताल जनता ने एकबद्ध होकर उनके विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूँक दिया था। इसे संथाल विद्रोह या संथाल हुल कहते हैं। संताली भाषा में 'हूल' शब्द का शाब्दिक अर्थ है 'विद्रोह'होता है। यह अंग्रेजों के विरुद्ध प्रथम सशस्त्र जनसंग्राम था। सिधु-कान्हू, चाँद-भैरो भाइयों

आदिवासियों को कब शामिल किया जाएगा नए भारत की तस्वीर में ?

भारतीय समाजशास्त्री भली भांति यह जानते हैं कि भारत मे हजारों वर्ष पूर्व आदिवासी समुदाय ने ही जंगल, पहाड़ एवं पहाड़ की कन्दराओं और गुफाओं मे आश्रय लेने के उपरांत जंगलों को साफ कर खेती करना सीखा, बनैले पशुओं को पालतू बनाया और एक स्थायी सामाजिक जीवन की शुरुवात की। प्रथम भारतीय ग्रामीण सभ्यता की नींव डालने वाले आदिवासी समुदाय ही थे। यही कारण है कि भारत का आदिवासी समुदाय अपने जल जंगल और ज़मीन से पृथ

गोदना परम्परा

गोदना परम्परा आदिवासी संस्कृति परम्परा का हिस्सा रही हैं, प्राचीन काल से चली आ रही इस प्रथा के अन्तर्गत हमारा समुदाय प्रकृति मे मौजुद विभिन्‍न प्रकृति के अंगों का अंकन शरीर के विभिन्न अंगों पर करती रहीं हैं, इस संस्कृति-परम्परा के अन्तर्गत चेहरा, हाथों, पांवों एवं शरीर के विभिन्न हिस्सो पर पशु-पक्षी, पेड-पौधे, दैनिक जीवनोपयोगी वस्तुए जैसे- सोरी(रोटी-सब्जी व अन्य वस्तुए रखने का पात्र), सोरी नाम

मथमना - आदिवासी समाज की सुरक्षा की सामाजिक गांरटी

MOUTANA

आजकल रोज अखबार में , मिडिया में मौताना बन्‍द करने के लिये खबरें आती रहती है। मौताना प्रथा बन्‍द करने के लिये लगातार दूसरे समाजों के ला्ेागों यहां तक की खुद आदिवासी समाज के पढे लिखे लाेागों द्वारा निरन्‍तर मांग उठाइ जा रही है।

अब प्रश्‍न ये है कि मौताना है क्‍या

सहस्राब्दियों बाद भी सुरक्षित है भित्ति चित्र

आदिवासीयो के इस धरती के मालिक होने के और मानवधर्म पूर्वी संस्कृति होने के और हिन्दू न होने के सबसे प्राचीनतम जीवन्त साक्ष्यों में से एक
केबीकेएस डिस्कवर टीम द्वारा एक और नए व अदभुत गुफा चित्रों की खोज :

प्रथम विश्लेषण पर इनके तीन चरण दृष्टिगोचर हो रहे हैं.

आधुनिक भाषाएं आदिवासी भाषा से विकसित हुई हैं

दुनिया की 6000 आधुनिक भाषाएं स्टोन एज की एक ही अफ्रीकन आदिवासी भाषा से विकसित हुई हैं. अंग्रेजी से लेकर चीनी और संस्कृत तक. दुनिया भर की यह जननी भाषा 50 से 70 हजार साल पहले अस्तित्व में आई थी. यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड, न्यूजीलैंड के विकासवादी मनोविज्ञानी शोधकर्ता क्वेंटिन एटकिंसन ने यह दावा विश्व की 504 भाषाओं के शब्दों, ध्वनियां और उनके टोन के आधार पर किया है.