वारली चित्रकला

वारली चित्रकला एक प्राचीन भारतीय कला है जो की महाराष्ट्र की एक जनजाति वारली द्वारा बनाई जाती है। और यह कला उनके जीवन के मूल सिद्धांतो को प्रस्तुत करती है। इन चित्रों में मुख्यतः फसल पैदावार ऋतु, शादी, उत्सव, जन्म और धार्मिकता को दर्शाया जाता है।

रली एक प्रकार की जनजाति है। जो महाराष्ट्र् राज्य के थाने जिले के धानु, तलासरी एवं ज्वाहर तालुकाज में मुख्यत: दूसरी जनजातियों के साथ पायी जाती है। ये बहुत मेहनती और कृषि प्रदान लोग होते है। जो बास, लकडी, घास एवं मिट्टी से बनी टाइलस से बनी झोपडियों में रहतें है। झोपडियों की दीवारे लाल काडू मिट्टि एवं बांस से बांध कर बनाई जाती है, दीवारो को पहले लाल मिट्टि से लेपा जाता है उसके बाद ऊपर से गाय के गोबर से लिपाई की जाती है। वारली चित्रकला एक प्राचीन भारतीय कला है जो की महाराष्ट्र की एक जनजाति वारली द्वारा बनाई जाती है। और यह कला उनके जीवन के मूल सिद्धांतो को प्रस्तुत करती है। इन चित्रों में मुख्यतः फसल पैदावार ऋतु, शादी, उत्सव, जन्म और धार्मिकता को दर्शाया जाता है। यह कला वारली जनजाति के सरल जीवन को भी दर्शाती है। वारली कलाओं के प्रमुख विषयों में शादी का बड़ा स्थान हैं। शादी के चित्रों में देव, पलघाट, पक्षी, पेड़, पुरुष और महिलायें साथ में नाचते हुए दर्शाए जाते है।[1]

Comments

सेवा जोहार सगाजानो

हमारा एक लक्ष्य हैं
भारत के आदिम समुदाय मुलवंसियो को शिक्षित ,
बौद्धिक क्रांति, जागरूक ,संगठित करना है और हमारा इतिहास के बारे लोंगो को जानकारी देना।
उनके दिल-दिमांग में वैचारिक क्रांति को जन्म देना
ताकि वे अपनी शक्ति और सामर्थ्य को जान सके ।
अपने लुटे गये मान-सम्मान-स्वाभिमान को पहचान
सके।
जिस पल हम ऐसा करने में कामयाब होंगे, तब दुनिया की कोई भी ताकत हमारे हितों को नुकसान
नहीं पहुंचा सकती।
और हम आर्थिक तौर पर भी मजबूत होंगे।
सगाजनो यही हमारा मकसद हैं।

MOBILE NO: 
9713163197
e-Mail: 
ArvindBhalavi52@gmail.com

जय आदिवासी......
जय बिरसा ....

MOBILE NO: 
9405366337
e-Mail: 
balu.gavit11@ gmail.Com

Jay adivasi

MOBILE NO: 
9405366337
e-Mail: 
balu.gavit11@ gmail.Com

अपने विचार यहां पर लिखें

Order
अपना मोबाईल नम्‍बर लिखे
Image CAPTCHA