आदिवासी एकता महासम्मेलन में आदिवासी सँस्कृति की झलक

आदिवासी एकता परिषद द्वारा 23 वाँ आदिवासी महासम्मेलन झिरन्या जिला खरगोन म.प्र. में आयोजित किया जा रहा हैं।
मैं झिरन्या में हमारे उज्जैन के साथियों के साथ जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम स्थल पर सभी राज्यों के आदिवासी समाजजन अपनी आदिवासी सँस्कृति के साथ नजर आए। आदिवासियों का महासम्मेलन पहली बार देखने को मिला तथा मन में यह भी विचार उत्पन्न हुए की यदि मध्यप्रदेश में आयोजित महासम्मेलन में नहीं आता तो आदिवासी साँस्कृतिक एकता को करीब से कभी नहीं देख पाता। जिधर देखो उधर हमारे आदिवासी भाई बहन अपनी आदिवासी वेशभूषा एवं वाद्य यंत्रों के साथ पूरे जोश, नाचते हुए दिखाई दिए। चारों तरफ हामु आखा एक छे तथा एक तीर एक कमान सभी आदिवासी एक समान के नारे से कार्यक्रम स्थल को पूरे जोश से भर रहा था। कार्यक्रम में जो स्टाल लगाए गए थे उनमें आदिवासी के इतिहास से लेकर साँस्कृतिक साहित्य को देखने को मिला। भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हमारे जयस के साथियों का कार्य भी प्रशंसनीय देखने को मिला। आदिवासी समाज के सभी संगठनों द्वारा एकता का परिचय इस प्लेटफार्म पर देखकर लगा अब आदिवासी समाज विकास की राह पर चलने के लिए तैयार हो गया हैं।

हमारी बदनावर जयस टीम के मुकेश मंडलोई साहब एवं विक्रम चंदेल साहब से भी कार्यक्रम स्थल पर मुलाकात हुई तथा आदिवासी मुद्रा कोष के संबंध में संक्षिप्त परिचर्चा हुई।
प्रस्तुति-
मोहनलाल डॉवर
आदिवासी मुद्रा कोष बदनावर

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