समता फैसला 1997 अनुसूचित क्षेत्र की आदिवासी जमीन के सम्बन्ध में क्या कहता है…..?

सुप्रीम कोर्ट का फैसला 1997 अनुसूचित क्षेत्र की आदिवासी जमीन के सम्बन्ध में क्या कहता है…..?

  • समता फैसला 1997 का अनुच्छेद 94 कहता है कि 73 वें संशोधन कानून 1992 के अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम सभा सामुदायिक संशोधन की सुरक्षा के लिये सक्षम होगी – कानून की धारा ( एम  ) (i i)  |
  •  ग्राम सभा को अनुसूचित क्षेत्र में भूमि हस्तांतरण को रोकने का अधिकार है तथा किसी अनुसूचित जनजाति (आदिवासी ) की जमीन के गैर कानूनी हस्तांतरण होने पर उक्त जमीन को वापस करवाने के लिये उचित कारवाई करने की शक्ति है |
  • समता फैसला 1997 का अनुच्छेद 110 कहता है कि खनिजों का उत्खनन और उसका लाभ कमाने का कार्य स्वयं आदिवासियों द्वारा स्वतंत्र रूप  से किया जा सकता है या राज्य से वित्तीय सहायकता प्राप्त करके सहकारी संस्था बनाकर किया जा सकता है |
  •  समता फैसला 1997 का अनुच्छेद 115 कहता है कि अनुसूचित क्षेत्र में लीज के माध्यम से गैर आदिवासी या निगम समूह आदि के लिए जमीन को देना मना है |
  •  समता फैसला 1997 अनुच्छेद 116 के अनुसार लीज का नवीनीकरण भी नई लीज देने के समान है अत: जमीन के हस्तांतरण की मनाही होगी
  • समता फैसला 1997 अनुच्छेद 117 के अनुसार खनन के लिये लीज के माध्यम से आदिवासी जमीन को गैरआदिवासी,  कार्पोरेशन समूह, साझेदारी फर्म आदि के लिये हस्तांतरण करना असंवैधानिक, निरर्थक और निष्क्रिय है |
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