पैदाइशी अपराधी मतलब Criminal Tribes जनजातियों के लिए बनाया गया काला कानून

अगर आप जनजाति समुदाय से है ?

तो आपको ये जरुर पता होना चाहिए कि
ऐसा काला कानून भी था जिसमें जनजाति के लोगों को जन्मजात अपराधी, लुटेरे और हत्यारा माना जाता था।

हमेशा उन लोगों को पुलिस सर्विलांस में रखा जाता था।

कहि भी आने जानें में लिखित में अनुमति लेनी पडती थी।

भले ही आपने कोई भी क्राईम नहीं किया हो। आप उस जाति विेशेष में पैदा हुये है, मतलब आप अपराधी है और आपके साथ कैदियों जैसा व्यवहार किया जायेगा।


क्या आपको पता है ?
एक ऐसा भी कानून था जिसके तहत पूरी की पूरी जाति और समुदाय को ही आदतन अपराधी बना दिया गया था।
एक विशेष जाति में पैदा होने वाला व्यक्ति इस कानून के तहत अपराधी माना जाता था, भले ही उसने कोई भी क्राईम नहीं किया हो।
उस अपराधी समुदाय के व्यक्ति के कहि भी आने जाने पर उस पर पुलिस की नजरबन्दी रहती थी।

कौनसा ऐसा कानून था?

ऐसा काला कानून क्यों बनाया गया ?

किन किन जातियों को शामिल किया गया ?

क्या मकसद था ?

क्रिमिनल ट्राईब्स कैसे दिखते थे ?

आईये आज इस कानून का पोस्टमार्टम करते है और जानते है इतिहास को करिब से

क्रिमिनल ट्राईब्स ऐक्ट 1871


यंही वो ऐसा काला कानून था जिसने पूरी की पूरी जाति को ही जन्मजात और कुदरती रुप से अपराधी घोषित कर दिया था। दोस्तों, ठगों और लुटपाट पर लगाम लगाने के लिये ये एक्ट बनाया गया था। अंग्रेजों को लगा था कि भारत में लोग जाति के हिसाब से काम व्यवसाय करते है। इसलिये उनकी ऐसी सोच बनी की विशिष्ठ जाति के लोग क्राईम अपराध करते है।
अपराधियों को अंग्रेजों द्वारा एक अलग जातीय समूह के रूप में संदर्भित किया जाता था जिसे ठग कहा जाता था। ब्रिटिश सरकार के समय उत्तरी भारत में हत्याओं और डकैतियों के लिए ठग जिम्मेदार थे।


12 अक्टुबर 1871 को यह एक्ट लागु किया था।

इससे पूर्व अंग्रेजो द्वारा सबसे पहले REGULATION ACT XXVI 1793 और THUGGEE AND DACOITY DEPARTMENT 1836 ACT XXX बनाया गया था।


क्रिमिनल ट्राईब्स ऐक्ट 1871 सबसे पहले उत्तरी भारत, फिर बंगाल और 1876 तक देश के दूसरे स्टेटस में भी लागु कर दिया था।

इस एक्ट का उदेश्य ऐसी समुदाय को चिन्हित करना था, जिन समुदायों का व्यवसाय ही अपराध था।

शुरुआत में 163 समुदाय चिन्हित किये गये थे, जिनको क्रिमिनल ट्राईब्स में रखा गया था।

जनजातियो को डकैत, लुटेरे और हत्यारे बताया गया।

इस एक्ट को देखे तो पता चलता है कि क्रिमिनल ट्राईब्स में किसे रखा जायेगा।

एक्ट के पार्ट 1 में लिखा गया है –
If the Local Government has reason to believe that any tribe, gang if class of persons in addicated to the systematic commission of non-bailable offences, it may report the case to the Governer General in Council, and may request his permission to declare such tribes, gang or class to be criminal Tribes.

आईये इसका हिन्दी में अर्थ जानते है


अगर सरकार के पास विश्वास करने कारण है कि कोई जनजाति गिरोह ऐसे किसी गैर जमानती मामलों में शामिल है, तो स्थानीय सरकार इसे गर्वनर जनरल की अनुमति लेकर उस जनजाति को क्रिमिनल ट्राईब्स में शामिल कर सकते है।
मतबल किसी समुदाय के किसी एक व्यक्ति के भी गैर जमानती मामले में शामिल होने पर पुरे के पूरे समुदाय को ही क्रिमिनल ट्राईब्स में गिन लिया गया।


इसका नतीजा यह हुआ कि इन जनजातियों के लोग देश में जहाँ कहीं भी रह रहे थेए उन्हें अपराधियों के तौर पर देखा जाने लगा और पुलिस को उनका शोषण करने की अपार शक्तियाँ दे दी गईंद्य
देश भर में ऐसी बस्तियाँ भी बनाई गईं जिनमें इन जनजातियों के परिवारों को बिल्कुल जेल की तरह से कैद कर दिया गयाद्य इन बस्तियों की चारदीवारी के बाहर पुलिस का पहरा रहने लगा और बस्ती के हर सदस्य को बाहर जाने और वापस लौटने पर पुलिस को सूचित करना पड़ता था


दोस्तों, ये जो आप देख रहे है ये उस समय का एक पास है, जिसमें किसी क्रिमिनल ट्राईब से सदस्य को बाहर जाने पर पुलिस अधिकारी से पास बनवाना पड़ता था। इस पास में वह आदमी कहां जा रहा है ? कितने दिनांें तक वह बाहर रहेगा? साथ ही कितने घण्टों तक बाहर रहेगा इसकी भी सूचना इस पास में दी जाती थी।


दोस्तों, इस अधिनियम के ज़रिये पुलिस को इन जनजातियों को गिरफ्तार करनेए इनका शोषण करने और इनकी हत्या तक करने की असीमित शक्तियाँ दे दी गई थीं

इस से ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता कि किसी TRIBE बच्चे को जन्म से ही अपराधी मान लिया जाए क्योंकि सरकार का कोई बेहूदा कानून उसके परिवार को पहले से ही अपराधी मानता हैद्


क्रिमिनल ट्राईब एक्ट में बदलाव करने के लिये 28 सितम्बर 1949 को अय्यंगार समिति बनाकर जांच का कार्य दिया गया। जिसे Report the Criminal Tribes Act Enquiry Committee, 1949-50
कहा गया।

इस कमिटी ने नवम्बर 1950 को अपनी जांच रिपोर्ट दी। जिसमें करिब 163 जातियों को क्रिमिनल ट्राईब घोषित किया गया था।

आइये देखते है कौन कौन सी जातियों इस लिस्ट में है, जिनकों क्रिमिनल ट्राईब घोषित किया गया था।

दोस्तों, क्रिमिनल ट्राईब मंे किन किन जातियों के लोगों को शामिल किया गया था?

ये रही पूरी की पूरी लिस्ट –

ADI-DRAVIDS

AHERIYA OR BAHELIYA OR AHERIS

AMBALGARS

BADAKS OR BADK=HIKE

BAHELIAS

BANJARAS

BANCHHADAS

BARRARS

BARWARS

BAURIAHS

BEDYAS

BENGALIS

BERADS

BERIES

BHAMTAS (TAKARI)

BHAMTAS (RAJPUT)

BHANMATES

BHANTS

BHEDKUTS

BHILS

BHURA BRAHMANS

BIJOROAS

BORIYAS

BOYAS (PEDDAS AND DONGAS)

BUDA BUKKALAS (CHAKALAS OR PAMULAS)

CHAMARS

CHANDRAVEDIS, SANORIAS OR SANAURIAS

CHHURAS OR CHUHRAS

DELERAS OR DALARIAS

DANDASIS

DASARIS

DHARIS

DHEAS OR DHES

DHEKARUS

DHENWARS

DOMARS OR DOMMARS

DOMS (MEGAHIYS, ORIYAS, AUDINIYAS & BANSFORES)

DONGA YERUKALS

DUSADHS (CHAKAIS, PALWARS & MEGHAHIYAS)

GANDHILLAS

GANTUKOLLARS

GIDHIAS

GHOSIS

GONDAS

GUJARS

HANDIJOGIES

HINGORAS

IRULARS

JAINTRA PANS

JATS

JOGIS

KAIKADIS

KALDIS

KALLAS

KANJARAS

KARWAL NATS

KEPUMARIES

KEWARS

KHATIS

KINTALI KALINGAS

KOMAKAPUS

KONDA DORES

KORACHAS AND KARAVAS

KUCHHANS

KARUMBARAVAS

LABANIS

LODHAS

MAGIDAS

MAHTAMS

MALAS

MALLAHS

MANG HARUDIS

MARAVARS

MEWATIS

MIANAS

MINAS

MOGHIAS

MULTANIS

MUNDA POTTAS

MUTHARACHES

MUSAHARS

NAIKS

NAKKALS

NIRSHIKARIS

NOKKARS

NUTS OR NATS

ODDARS

OUDHIAS

PAIDIS

PARDHIS

PARNAS

PASIS

PICHARIS

PICHGUNTLAS

POLIGARS

RACHHANDS

REDDIKAS

RELLIS

SANSIS

SNORIAS

SINGHKATS

SUGALIS

SANGHEDIAS

TADVIS

TAGUS

TAGA BHATS

TALAYARIS (DEVAGUDI)

TALEGA PAMULAS

TELLUGAPPALATTI CHATTS

THOTTIA NAICKS

URALIGAUNDANA

VALAYARS

VALLAYANKUPPAM PADAYCHIS

VETTAIKARSNS

VETTUYA GONDANS

WADDARS

YATAS

YENADIS

YERUKALS

DOWNLOAD CRIMINAL TRIBES ACT 1871 FILE https://up-load.io/eysyder23xua
दोस्तों अगर रिकोर्ड पर गौर किया जाये जाये तो देश में आजादी के बाद भी 1950 तक 4 मिलियन क्रिमिनल ट्राईब बताये गये है।

मतलब 40 लाख से भी ज्यादा अपराधी जनजाति लोग।

इन 40 लाख से भी ज्यादा जनजाति आबादी को डकैत, लुटेरे और हत्यारें क्रिमिनल ट्राईब बताकर उनकी संस्कृति और इतिहास के खत्म करने का प्रयास किया गया।


क्रिमिनल ट्राईब एक्ट को habitual offender act 1953 से reapeal किया एवम् यह कानून आज भी लागु है ।

इन क्रिमिनल ट्राईब जातियो को विमुक्त जातिया कहा गया । रेहबीलाशन हेतु इन जातियो को Ex-criminal tribes नाम दिया गया है।

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